MLM क्या है? फायदे व नुकसान | Network Marketing in Hindi

MLM Meaning in Hindi: इस लेख में हम Network Marketing की बात करने वाले है, जिसे MLM, डायरेक्ट सेलिंग, चैन मार्केटिंग या पिरामिड सेलिंग भी कहा जाता है।

mlm kya hai?

भारत में MLM लीगल बिज़नेस मॉडल है, पर फिर भी कई लोग इसे फ्रॉड (Scam) समझते है और इसकी पिरामिड स्कीम और पोंजी स्कीम से तुलना करते है। लेकिन वास्तविक में MLM इन फ्रॉड से कुछ अलग है।

नेटवर्क मार्केटिंग क्या है? इसके फायदे और नुकसान और MLM की सच्चाई, जानने के लिए इस लेख को अंत तक पढ़े।

MLM Kya Hai?

Network Marketing क्या है? – What is MLM in Hindi



MLM का Full Form, Multi-Level Marketing होता है।

तेल, कपड़ें, साबुन जैसे सभी प्रोडक्ट को निर्माता (Manufacturer) से लेकर उपभोक्ता (Customer) तक पहुँचाने वाले सिस्टम को Supply Chain कहते है।

Traditional Supply Chain में डिस्ट्रिब्यूशन के लिए मैन्युफ़ैक्चरर, होलसेलर, रीटेलर और मार्केटिंग के लिए विज्ञापनदाता (Advertiser) मौजूद होते है, जिनका अपना कमीशन होता है।

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MLM में इस सप्लाई चैन को कम कर डायरेक्ट सेलर (Independent Distributors) को लाया जाता है, जिससे उपभोक्ता को प्रोडक्ट कम क़ीमत में उपलब्ध कराये जा सके।

लेकिन वर्तमान में MLM कंपनी के प्रोडक्ट उल्टे मार्केट से महँगे होते है। क्योंकि इसमें डिस्ट्रीब्यूटर का नेटवर्क होता है और हर प्रोडक्ट बिक्री पर मल्टी-लेवल पर कमीशन बांटा जाता है।

MLM-recruitment

साथ ही MLM Products किसी तीसरी कंपनी के द्वारा बनाए जाते है।

दरअसल डायरेक्ट सेलिंग 2 प्रकार की होती है, SLM (सिंगल लेवल मार्केटिंग) और MLM (मल्टी लेवल मार्केटिंग)। लेकिन अब MLM और डायरेक्ट सेलिंग को एक ही माना जाता है, क्योंकि SLM का चलन बहुत कम है।

मल्टी लेवल मार्केटिंग को पिरामिड सेलिंग, चैन मार्केटिंग और नेटवर्क मार्केटिंग के नाम से भी जाना जाता है।

MLM एक तरह से प्रोडक्ट वितरण (Distribution) और विपणन (Marketing) का तरीका है, जो Traditional Supply Chain का एक विकल्प है।

MLM कंपनी और वितरक

जो कंपनी MLM कांसेप्ट का इस्तेमाल प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूशन और मार्केटिंग के लिए करती है, उन्हें MLM Company कहा जाता है। वेस्टीज, मोदी केयर, हर्बल लाइफ, एमवे, सेफ शॉप, ये कुछ प्रशिद्ध MLM कंपनी के नाम है। आप लीगल डायरेक्ट सेलिंग कंपनी लिस्ट भी चेक कर सकते है।

MLM कॉन्सेप्ट के द्वारा प्रोडक्ट और सर्विस, दोनों का प्रचार किया जा सकता है।

  • प्रोडक्ट: कपड़े, FMCG प्रोडक्ट, एग्रीकल्चर प्रोडक्ट, वेलनेस प्रोडक्ट
  • सर्विस: मोबाइल रिचार्ज, हॉलिडे पैकेज, ऑनलाइन बुकिंग

जो लोग MLM कंपनी से जुड़ते है, उन्हें डायरेक्ट सेलर, वितरक, डिस्ट्रीब्यूटर, नेटवर्कर या कंपनी मेंबर भी कह सकते है।

डायरेक्ट सेलर बनने के बाद प्रमुख दो काम करने होते है।

१. प्रॉडक्ट खरीद और बिक्री

हर MLM कंपनी के पास कुछ प्रॉडक्ट/सर्विस होती है, वह डायरेक्ट सेलर को MRP से कम कीमत (डिस्ट्रीब्यूटर प्राइस) पर मिलती है।

डायरेक्ट सेलर उन प्रॉडक्ट/सर्विस को आगे बेचकर रिटेल प्रॉफिट कमा सकता है।

2. नेटवर्क बनाना (Recruitment)

नेटवर्क मार्केटिंग में पेसिव इनकम के लिए दूसरे लोगों को भी इस कंपनी से जोड़ना होता है।

ध्यान रखें, नेटवर्क मार्केटिंग में कभी भी पैसा लोगों को जोड़ने पर नहीं मिलता है, बल्कि डाउनलाइन में हो रही प्रॉडक्ट/सर्विस बिक्री पर कुछ प्रतिशत मुनाफा मिलता है।

MLM में खुदकी और डाउनलाइन द्वारा की प्रोडक्ट बिक्री पर कमीशन मिलता है।

महत्वपूर्ण परिभाषा

नेटवर्क मार्केटिंग को अच्छे से समझने के लिए कुछ जरूरी शब्दों की परिभाषा समझना जरूरी है।

Income Plan

MLM में सभी लोग पहले से निश्चित संरचना में जुडते है, जिसे कंपनी का इनकम प्लान (Compensation Plan) कहा जाता है।

इनकम प्लान अनुसार ही डिस्ट्रीब्यूटर का कमीशन निकाला जाता है। निम्न सबसे ज्यादा प्रचलित इनकम प्लान के नाम है।

  • Binary Plan
  • Matrix Plan
  • Generation Plan
  • Unilevel Plan
  • Hybrid Plan

Upline व Downline

Upline यानि की वे लोग जो आपको MLM कंपनी से जोड़ते है। जैसे मान लो, सुरेश ने आपको किसी MLM कंपनी से जोड़ा है, तो वो आपका अपलाइन है।

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अब आप रमेश को अपने MLM कंपनी में जोड़ते है, तो रमेश आपका डाउनलाइन कहलाता है।

जिन लोगों की डाउनलाइन में सैकड़ों, हजारों लोग होते है, उन्हें MLM Leader कहते है।

MLM Vs Ponzi Scheme Vs Pyramid Scheme

अब हम आते है, MLM, पोंजी और पिरामिड स्कीम पर।

पोंजी स्कीम आमतौर पर खुदकों एक निवेश (Investment) कंपनी बताती है और ज्यादा रिटर्न देने का वादा करती है। पोंजी स्कीम में जुडने वाले लोगों की संरचना MLM की तरह निश्चित नहीं होती है।

पोंजी स्कीम भारत समेत अधिकतर देशों में पाबंधित है। PACL Fraud एक पोंजी स्कीम थी, जिसमें 5 करोड़ लोगों का 49,000 करोड़ रुपये फंसे है।

पिरामिड स्कीम और MLM एक समान ही लगते है, लेकिन इनमें फर्क आसानी से कर सकते है। MLM पूरी तरह से लीगल है और इसमें प्रॉडक्ट बिक्री पर पैसा मिलता है, लेकिन पिरामिड स्कीम में लोगों का पैसा नेटवर्क में घुमाया जाता है, इसलिए पिरामिड स्कीम पर पाबंधी है।

फिर भी बहुत सी पिरामिड स्कीम आज भी चल रही है। पिरामिड स्कीम हमेशा खुदकों MLM बताती है। फिर डमी (Dummy) प्रॉडक्ट का उपयोग करके लोगों से निवेश लेती है। ये डमी प्रॉडक्ट फालतू और बहुत ज्यादा कीमत के होते है, जिससे कंपनी प्रॉडक्ट के नाम पर लोगों से निवेश लेकर पैसा घुमाती है।

शुरुआत में पिरामिड स्कीम बेशक पैसा देती है, लेकिन एक समय बाद फरार हो जाती है, जब लाखों लोग इसपर पैसा लगा चुके होते है। Future Maker और eBiz इसके उदाहरण है।

MLM भारत में लीगल है, लेकिन मनी-सर्कुलेशन करने वाली पिरामिड स्कीम और पोंजी स्कीम गैरकानूनी है।

क्या MLM घोटाला है?

MLM शुरू से विवादों में रहा है, लेकिन यह भारत समेत अधिकतर देशों में लीगल है।

MLM में फ़्रॉड कंपनी, लालची प्रचारक और पूर्व घोटालों के कारण इसकी छवि काफ़ी ख़राब है। कई लोग MLM को जल्दी अमीर बनने का तरीका बताते है, जबकि इसमें सफलता पाने के लिए सालों का समय लगता है।

भारत में MLM को मान्यता देने और सुधार करने के लिए भारत सरकार ने डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइन 2016 और Direct Selling Rules 2021 जारी किए गए है।

MLM के फायदे

निम्नलिखित MLM के फायदे है,

  • काम करने के समय पर पूरी आजादी
  • असीमित कमाई का अवसर
  • डाउनलाइन/टीम द्वारा सम्मान
  • कम इन्वेस्टमेंट
  • MLM कोई भी कर सकता है
  • बहुत कुछ सीखने को मिलता है

MLM के नुकसान

हर चीज़ के दो पेहलू होते है, MLM में अक्सर लीडर सिर्फ फायदे बताते है, नकारात्मक बिन्दु कोई नहीं बताता है। फिर भी निम्न MLM करने के नुकसान है, जो खासकर शुरू में सबको देखने को मिलते है।

  • दोस्तों और परिवार से रिश्ते बिगड़ते है
  • कम्युनिकेशन और मार्केटिंग स्किल की जरूरत
  • MLM की सफलता दर मात्र 0.4%
  • फ्रॉड कंपनी और लीडर की मौजूदगी
  • महंगे प्रॉडक्ट और सर्विस
  • 3 से ४ साल का संघर्ष

MLM गाइड

अगर आप MLM शुरू करने का सोच रहे है, तो हमने कुछ गाइड लिखी है, जिन्हें आप पढ़ सकते है।

सवाल जवाब

किसी भी MLM कंपनी से कैसे जुड़े?

किसी भी MLM कंपनी से जुडने के लिए उस कंपनी के किसी मौजूदा डायरेक्ट सेलर से बात करें या कंपनी की वेबसाइट से रजिस्टर करें।

MLM से जुडने के लिए क्या चाहिए?

किसी भी MLM कंपनी से जुडने के लिए बालिक होना जरूरी है। साथ ही लीगल पहचान पत्र और बैंक अकाउंट होना चाहिए।

MLM में फ्रॉड से कैसे बचे?

हमेशा एक अच्छे प्रोडक्ट वाली MLM कंपनी चुने। मोटिवेशन और पैकेज वाली कंपनी से दूर रहें। MLM में जॉब की तरह सैलरी नहीं मिलती है, इसलिए फिक्स सैलरी और जॉब की तरह MLM से हर महीने कमाई की उम्मीद शुरू में ना करें।

MLM में सफल होने में कितना समय लगता है?

MLM की सफलता दर 0.4% है। इसमें कम से कम 3 साल लगातार मेहनत बिना या कम कमाई पर करनी पड़ती है।

MLM से कितना पैसा कमा सकते है?

यह आपकी स्किल्स और अनुभव पर निर्भर करता है। आपके पास एक्टिव डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क होना चाहिए।

MLM में सफल कैसे हो?

इसके लिए पहले आपको खुदकी कम्युनिकेशन, प्रेजेंटेशन और मार्केटिंग स्किल को बेहतर करना होगा। आपको एक्टिव लोगों को अपनी डाउनलाइन में लाना होगा, जिससे आपके नेटवर्क का विकास जल्दी होगा और सफलता जल्दी मिल जाएगी।

MLM में कितना पैसा लगाना होगा?

डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइन अनुसार, किसी भी MLM कंपनी से जुडने के लिए आपको कोई भी निवेश या फीस नहीं देनी होती है। लेकिन MLM कंपनी में एक न्यूनतम राशि के प्रॉडक्ट खरीदने पड़ते है। यह राशि 1000 रुपये से लेकर 15,000 रुपये तक होती है।




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