Direct Selling Guideline क्या है? सजा व नियम

डायरेक्ट सेलिंग अधिकतर देशों में एक लीगल बिज़नेस मॉडल है। लेकिन वर्तमान में इसकी खराब छवि होने के कारण लोग इसे फ्रॉड मानते है और दूर भागते है।

दरअसल डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री में हुए फ्रॉड और मतलबी लीडर के कारण, लोग इस इंडस्ट्री को बुरी नज़र से देखते है। कई हद तक, Ponzi और Pyramid Scheme के साथ डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री में मौजूद लोग ही इसकी बदनामी के ज़िम्मेदार है।

डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री के अस्तित्व को संभालने के लिए भारत सरकार ने 9, सितंबर 2016 को एक बड़ा कदम उठाया था, जब सरकार ने पहली बार डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइन जारी की थी।

इस Direct Selling Guidelines 2016 को आप MLM Guidelines, डायरेक्ट सेलिंग कानून या नेटवर्क मार्केटिंग के नियम भी कह सकते है।

direct selling guidelines hindi

Direct Selling Guidelines के कारण इस इंडस्ट्री को नई पहचान मिली है और इसी के बारे में हम इस लेख में विस्तार से जानेंगे।

Direct Selling Guidelines क्या है?

डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइन समझने से पहले, आपको Government Guidelines और Rules में फर्क पता होना चाहिए।

Guidelines सिर्फ दिशानिर्देश होते है, जैसे “कार को ध्यान से चलाए”। जबकि Rules सटीक नियम होते है, जैसे “कार 50KM की स्पीड पर चलाये”।

डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइन 2016, की शुरुआत में साफ-साफ लिखा है, कि ये गाइडलाइन राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए दिशानिर्देश है। जिन्हें ध्यान में रख, राज्य सरकारें अपने राज्य में डायरेक्ट सेलिंग बिज़नेस का संचालन करें।

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2016 की डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइन में काफी अच्छे दिशानिर्देश है, लेकिन इसे इतना प्रभावी नहीं मना गया। डायरेक्ट सेलिंग रूल 2021 में, 2016 की गाइडलाइन को ही आगे बढ़ाया गया है।

चलिए अब डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइन 2016 के प्रमुख दिशानिर्देश को, डायरेक्ट सेलर और डायरेक्ट सेलिंग कंपनी के लिए समझते है।

डायरेक्ट सेलर के लिए गाइडलाइन

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अगर आप एक डायरेक्ट सेलर है, तो आपको डायरेक्ट सेलिंग करते समय इन नियमों का पालन करना होगा, अन्यथा आप भारत सरकार के दिशानिर्देश के खिलाफ जाकर एक गुन्हा कर रहे है।

हमने आसान शब्दों में मुख्य दिशानिर्देश समझाए है।

  1. आप अपना परिचय और कंपनी के बारे में बताये बिना, डायरेक्ट सेलिंग और प्रोडक्ट का प्रदर्शन शुरू नहीं कर सकते। आपको सबसे पहले अपना काम बताना होगा और अपना पहचान पत्र साथ रखना होगा।
  2. ‎उपभोक्ता की अनुमति या नियुक्ति के बिना उनके परिसर में नहीं जा सकते। आपको उपभोक्ता से मिलने और डायरेक्ट सेलिंग के बारे में पहले सूचित करना होगा।
  3. आप उपभोक्ता को गलत या अधूरी जानकारी देकर प्रोडक्ट बेच नहीं सकते है।
  4. डायरेक्ट सेलर उपभोक्ता से ऐसा वादा नहीं कर सकता, जो शत-प्रतिशत पूरा ना हो। यानी की उपभोक्ता को आकर्षित करने के लिए कहना, कि इतने पैसे कमा सकते है, ऐसा बड़-चढ़ाकर बखान करना गलत है।
  5. ‎जब डायरेक्ट सेलर उपभोक्ता को बिक्री कर रहा हो, तो उपभोक्ता को उसे निम्न जानकारी देनी होगी। खुदका नाम, पता, कंपनी में रजिस्ट्रेशन नंबर, फ़ोन नंबर, प्रोडक्ट/सर्विस का बिल कुल राशि सहित, प्रोडक्ट को रद्द और वापस करके रिफंड पाने की पॉलिसी की जानकारी आदि।
  6. ‎डायरेक्ट सेलर कंपनी को जब चाहे, तब छोड़ सकता है। वही कंपनी की रिफंड नीति अनुसार, डायरेक्ट सेलर प्रोडक्ट/सर्विस वापस देकर पैसा रिफंड पा सकता है।
  7. ‎डायरेक्ट सेलर के पास ख़ुद की लिखित पुस्तिका होनी चाहिए, जिसमे सभी प्रोडक्ट/सर्विस की खरीद, बिक्री की जानकारी अपने उपभोक्ता के नाम सहित होनी चाहिए।
  8. ‎डायरेक्ट सेलर ऐसी कोई सामग्री जैसे सूची-पत्र (Prospectus) या जानकारी आगे नहीं दे सकता, जो कंपनी ने जारी नहीं किया हो।
  9. ‎डायरेक्ट सेलर अपने उपभोक्ता या नए डायरेक्ट सेलर को ज्यादा मात्रा में प्रोडक्ट खरीदने को मजबूर नहीं कर सकता है।
  10. ‎डायरेक्ट सेलर कोई भी जानकरी नए लोगो को बुलाते समय में नहीं छुपा सकता है। वही प्रोडक्ट/सर्विस वापसी की शर्तें, वारण्टी, गारण्टी बताना बेहद जरूरी है।

डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइन को विस्तार से पढ़ने के लिए, इसकी PDF भी डाउनलोड कर सकते है।

डायरेक्ट सेलिंग कंपनी के लिए गाइडलाइन

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  1. सबसे पहले तो कंपनी को भारत सरकार (MCA) के अंतर्गत रजिस्टर होना होगा और अपने सभी दस्तावेज बनाने होंगे।
  2. ‎कंपनी को डायरेक्ट सेलिंग बिज़नेस चलाने के लिए अपने राज्य के उपभोक्ता विभाग को लिखित में बताना होगा और समय-समय पर बिज़नेस की जानकारी देनी होगी।
  3. ‎कंपनी के पास 3 सदस्यों की एक समिति होनी चाहिए, जो डायरेक्ट सेलर और उपभोक्ता की समस्याओं का निवारण करे।
  4. ‎कंपनी के पास खुद की वेबसाइट होनी चाहिए, जिसमे प्रोडक्ट/सर्विस, कंपनी के सम्पर्क सूत्र, कंपनी की नीतियां, इनकम प्लान, प्रोडक्ट क्वालिटी सर्टिफिकेट, शिकायत दर्ज करने की सेवा हो।
  5. ‎कंपनी के पास अपने राज्य में क्षेत्राधिकार कार्यलय होना जरूरी हो, जो कंपनी या उसके प्रबंधक के नाम हो।
  6. ‎कंपनी के प्रबंधक में किसी भी सदस्य पर पिछले 5 साल तक कोई भी आपराधिक मामला किसी कोर्ट में ना हो।
  7. कंपनी ध्यान रखेगी,कि उसके डायरेक्ट सेलर और डिस्ट्रीब्यूटर किसी तरह से प्रोडक्ट/सर्विस की बिक्री कर रहे है और कही वे डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइन के विरुद्ध तो नहीं जा रहे।
  8. ‎कंपनी खुद किसी भी प्रकार से आने वाली समस्या का समाधान करेगी। कंपनी को आने वाली शिकायत पर 45 दिन के अंतर्गत कार्यवाही करनी होगी।
  9. ‎कोई डायरेक्ट सेलर 2 साल तक कोई बिक्री नहीं करता है, तो उसे नोटिस देकर डायरेक्ट सेलिंग बिज़नेस के समझौते से अलग करना होगा।
  10. ‎कंपनी को अपने डायरेक्ट सेलर द्वारा ख़रीदी और बिक्री का डेटा समय-समय पर देना होगा। अगर कंपनी का कोई डायरेक्ट सेलर टैक्स (VAT) के अंतर्गत आता है, तो उसे कंपनी को टैक्स भरने के लिए नोटिस देना होगा।

डायरेक्ट सेलिंग Vs फ्रॉड

एक वास्तविक MLM और पिरामिड स्कीम में फर्क डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइन 2016 से समझ सकते है।

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MLM कंपनिया प्रोडक्ट/सर्विस आधारित होती है, जिसमें प्रोडक्ट को बेचने पर जोर दिया जाता है।

लेकिन पिरामिड स्कीम में सिर्फ नए लोगो को लाने के लिये कहा जाता है। MLM कंपनिया जुड़ने वाले लोगो से किसी भी प्रकार से पैसा नहीं लेती है, कंपनी अपने डायरेक्ट सेलर को प्रोडक्ट/सर्विस बेचती है और वह प्रोडक्ट/सर्विस डायरेक्ट सेलर उपभोक्ता को बेचता है।

कंपनी सालाना या मासिक रुप से कोई फीस और राशि चार्ज नहीं कर सकती है, वही पिरामिड स्कीम जुड़ने के समय ही भारी रकम मांगती है। कही फ्रॉड कंपनिया प्रोडक्ट/सर्विस के नाम पर ज्यादा पैसा मांगती है और वास्तव में इतनी किमत नहीं होती है।

गाइडलाइन के खिलाफ जाने पर क्या होगा?

चूंकि डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइन सिर्फ दिशानिर्देश है, तो इसके विपरीत होने वाली कार्यवाही नहीं बताई गई है।

लेकिम Consumer Protection Act, 1986 और Prize Chits and Money Circulation Schemes (Banning) Act, 1978 के तहत मामलें चल सकते है।

डायरेक्ट सेलिंग कंपनी और डिस्ट्रीब्यूटर के गलत कार्य के खिलाफ उपभोक्ता FIR कर सकते है और न्याय पा सकते है।

इसके अतिरिक्त अगर कोई डायरेक्ट सेलर घोटाला करता है, तो डायरेक्ट सेलिंग कंपनी से शिकायत करें, क्योंकि उन्हें 45 दिनों में कार्यवाही करनी होती है।

अगर आपको कोई MLM कंपनी फ्रॉड और पिरामिड स्कीम लगती है, तो उसके खिलाफ आप MCA (Ministery of Consumer Affair) में शिकायत दर्ज कर सकते है।

अगर आपका कोई सवाल या सुझाव है, तो हमें कमेंट में जरुर बताये।



11 thoughts on “Direct Selling Guideline क्या है? सजा व नियम”

    1. Basant Kumar khandekar

      MLM ULM MMC ye tino networkingmarketing business esaka pura video uor PDF chahiye uor niyam sarte janana chahta hoo aap logo se sir ji

  1. can a direct selling co, terminate the ID OF A direct selling member / seller without any reason or without giving any written / legal notice ?
    what action can be taken against the direct selling co, if it terminates the ID OF A direct seller with a wrong intention of not to give money earned by the direct seller ?

      1. Pushpendra Kumar

        हमारे यहां तो कोई पालना नहीं हो रही है लोगो को अपनी जूठी कहानियां सुनाकर इसमें फसाया जाता है अगर उनके खिलाफ आवाज उठाता है तो उसको धमकी दी जाती है ।
        ऑनलाइन होते हुवे भी कैश पैसे लिए जाते है । इसमें लोगो को लाने के लिए नोकरी जैसा सिस्टम चला रखा है । पहले रिज्यूम देना पड़ेगा कंपनी का नाम पूछने पर नहीं बताया गाएगा जब तक खुद उनके बुलाए एड्रेस जाना पड़ेगा ।

  2. Shivbhagwan sardiwal

    हेमंत जी डायरेक्ट सीलिंग की जानकारी चाहिए आपका लेख पढ़ा है

  3. Govind singh Meena

    नमस्कार सर मैंने धनवंतरी कंपनी की सूखी डाली है मगर आज 8 महीने हो गए हैं ₹1 भी कमीशन नहीं आया कंपनी तरफ से मुझे क्या करना चाहिए प्लीज बताने की कृपा करें

  4. DIRECT SELLING EK BAHUT HI ACHHA PLATFORM HAI , JIS KE SATH SAHKAR SE AUR LOGO KE SATH SAHKAR SE APNE AAP KA AUR APNE SABHI TEAM MEMBER KA ARTHIK ROOP SE UDDHAR JARUR AUR JARUR HO SAKTA HAI – D.K. HIMMATNAGAR GUJARAT

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