डायरेक्ट सेलिंग क्या है? इतिहास, फायदे और नुकसान

अगर आपने डायरेक्ट सेलिंग के बारे में पहली बार सुना है या इसके बारे में अधिक जानने में रुचि रखते है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर है।

ऐसे ही बहुत से सवाल के जवाब आपको इस लेख में मिलेंगे, जो कि सारे डायरेक्ट सेलिंग से जुड़े हुए है।

Direct Selling Kya Hai?

डायरेक्ट सेलिंग नाम सुनकर ही इसका आधा मतलब पता चल जाता है, कि डायरेक्ट सेलिंग क्या है। 

Direct Selling kya hai

डायरेक्ट यानी सीधा और सेलिंग यानी की बिक्री करना। 



कुल मिलाकर कहे तो डायरेक्ट सेलिंग का मतलब सीधे बेचना है।

आज भी अक्सर जब हम किसी दुकान से सामान खरीदते हैं, तो प्रॉडक्ट मैनुफेक्चर से घूम-फिरकर हमारे पास आता है।

लेकिन उससे पहले वह मैन्युफैक्चरर, डिस्ट्रीब्यूटर, होलसेलर, रिटेलर से होकर हमारे पास आता है। डायरेक्ट सेलिंग में प्रॉडक्ट मैन्युफैक्चरर से डायरेक्ट सेलर और फिर हमारे पास आता है।

डायरेक्ट सेलिंग एक प्रॉडक्ट/सर्विस डिस्ट्रिब्यूशन व मार्केटिंग का तरीका है। डायरेक्ट सेलिंग में ट्रेडिसनल डिस्ट्रिब्यूशन चैन की इकाई (डिस्ट्रीब्यूटर, होलसेलर, रिटेलर) को हटाकर डायरेक्ट सेलर को लाया जाता है।

डायरेक्ट सेलिंग कंपनिया विज्ञापन नहीं करती है और प्रॉडक्ट-वितरण चैन छोटी होने के कारण प्रॉडक्ट की बिक्री पर कम लोगो में पैसा जाता है। इसलिए डायरेक्ट सेलिंग उपभोक्ता को कम कीमत में प्रॉडक्ट उपलब्ध करवाती है।

डायरेक्ट सेलिंग की शुरुआत अमेरिका से हुई थी। Avon और Amway पहली डायरेक्ट सेलिंग मॉडल पर काम करने वाली कंपनीया है। भारत में डायरेक्ट सेलिंग 90 के दशक में प्रचलित हुई थी।

Vestige, Modicare और RCM प्रशिद्ध भारतीय डायरेक्ट सेलिंग कंपनी है।

डायरेक्ट सेलिंग के प्रकार

अब बात करे डायरेक्ट सेलिंग के प्रकार की, तो इसे दो भागों में बांटा गया है।

1. Single Level Marketing (SLM)

सबसे पहले डायरेक्ट सेलिंग में सिंगल लेवल मार्केटिंग आता है। जिसमे व्यक्ति किसी कंपनी में बतौर डायरेक्ट सेलर ख़ुद जाकर जुड़ता है। वह डायरेक्ट सेलर कंपनी के ब्रांच से प्रॉडक्ट लेता है और उनकी बिक्री आगे करता है।

इंसमे डायरेक्ट सेलर को प्रॉडक्ट MRP अनुसार कुछ प्रतिशत मुनाफा मिलता है।

2. Multi-Level Marketing (MLM)

Multi Level Marketing, Network Marketing, Chain Marketing, Pyramid Selling, Referral Marketing सभी एक ही है, बस लोग अलग-अलग नाम से जानते है।

डायरेक्ट सेलिंग में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध मल्टी लेवल मार्केटिंग ही है। जिसमे लोग कंपनी के प्रॉडक्ट को बेचते है, साथ में नये लोगो को भी कंपनी से जोड़ते है, जिसे डाउनलाइन कहा जाता है। जब डाउनलाइन प्रॉडक्ट खरीदती है, तो उसे जोड़ने वाले व्यक्ति यानि अपलाइन को भी कुछ प्रतिशत मुनाफा मिलता है।

इंसमे जुड़ने वालो के अनुसार लेवल बनते है और इसलिए इसे मल्टी लेवल मार्केटिंग कहाँ गया है।

डायरेक्ट सेलिंग (MLM) भारत में पूरी तरह से लीगल है। पंरतु MLM में बहुत ज्यादा फ्रॉड और धोखा होता है। इसमें लोगो को डायरेक्ट सेलिंग के नाम पर पिरामिड स्कीम और पोंजी स्कीम में जोड़ा जाता है। 

इसलिए डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइन बनाई गई है।

डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइन

डायरेक्ट सेलिंग के नाम पर बड़ रहे फ्रॉड को रोकने के लिए ही भारत सरकार ने MLM गाइडलाइन जारी की है। गाइडलाइन में पिरामिड स्कीम और MLM में फर्क बताया है, फिर भी पिरामिड स्कीम में इतनी कमी नहीं आई है।

गाइडलाइन में बताये नियम का पालन डारेक्ट सेलिंग कंपनी और डायरेक्ट सेलर दोनो को करना होता है, पर बहुत कम डायरेक्ट सेलर इन गाइडलाइन को जानते है।

आप नीचे दी गयी लिंक से डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइन डाउनलोड कर सकते है।

डायरेक्ट सेलिंग और MLM

आपको अब समझ आ गया ही होगा, कि डायरेक्ट सेलिंग और MLM क्या है।

आसान शब्दो मे फिर कहे, तो MLM डायरेक्ट सेलिंग का एक प्रकार है। हर MLM कंपनी डायरेक्ट सेलिंग में आती है, लेकिन सभी डायरेक्ट सेलिंग कंपनी MLM नहीं होती है।

डायरेक्ट सेलिंग कंपनी का महत्व डायरेक्ट सेलर की सफ़लता में बहुत ज्यादा होता है। कंपनी के प्रॉडक्ट, प्लान, पॉलिसी और कमिटी सफ़लता में बड़ा हाथ रखती है।

इसलिए एक अच्छी MLM कंपनी की परख करना बेहद जरूरी है। वही कही लोग तो लालच में आकर MLM कंपनी की जगह पिरामिड स्कीम से जुड़ जाते है, जिससे भारी नुकसान होता है।

डायरेक्ट सेलिंग करने के कुछ फायदे भी है और कुछ नुकसान भी। इसलिए दोनों को जानना बेहद जरूरी है।

डायरेक्ट सेलिंग के फायदे

डायरेक्ट सेलिंग हर कोई कर सकता है, इसमे कोई भी उम्र, डिग्री, जाती, लिंग का व्यक्ति जुड़ सकता है। इंसमे कोई क्वालिफिकेशन की आवश्यकता नहीं होती है।

डायरेक्ट सेलिंग किसी भी समय कभी भी और कही भी कर सकते है। बस आपके पास अपना उपभोक्ता होना चाहिए।

डायरेक्ट सेलिंग से कंपनी के प्रॉडक्ट कम कीमत में मिल जाते है। अगर कोई किसी कंपनी से बतौर डायरेक्ट सेलर जुड़ता है, तो उसे कंपनी के प्रॉडक्ट MRP से कम कीमत में मिलते है, जिसे वह स्वयं इस्तेमाल कर बचत कर सकता है।

डायरेक्ट सेलिंग में बहुत सी कंपनीयो जुड़ने वाले लोगो को ख़ुद डायरेक्ट सेलिंग सिखाती है, जिससे बहुत कुछ नया सीखने और करने का मौका मिलता है।

डायरेक्ट सेलिंग के नुकसान

डायरेक्ट सेलिंग में कम्युनिकेशन और मार्केटिंग स्किल की जरूरत पड़ती है। जो सबके पास नहीं होती है। क्योंकि लोगो को अपने प्रॉडक्ट और कंपनी के बारे में सबको बताना होता है और यह इतना आसान नहीं होता है।

डायरेक्ट सेलिंग में MLM के नाम पर अक्सर लोग लालच देकर बुलाने वाली पिरामिड स्कीम में जुड़ जाते है, जिससे उनका पैसा और समय बर्बाद हो जाता है।

डायरेक्ट सेलिंग में लोग शुरू में अक्सर असफल रहते है और खुद को कमज़ोर महसूस करते है। इसलिए भी कई लोग डायरेक्ट सेलिंग को पसंद नहीं करते है।

MLM की सफलता दर बहुत कम है और डायरेक्ट सेलर को कमीशन बांटने के कारण उपभोक्ता को प्रॉडक्ट महंगे मिलते है।

फ्रॉड कंपनिया, मतलबी लीडर, महंगे प्रॉडक्ट और कम सफलता दर के कारण डायरेक्ट सेलिंग की छवि पूरी दुनिया में बेहद खराब है।

डायरेक्ट सेलिंग का भविष्य

अंत में सवाल आता है, कि डायरेक्ट सेलिंग का भविष्य क्या है और क्या इसमें अपना करियर बना सकते है।

तो इसका जवाब व्यक्ति पर निर्भर करता है।

डायरेक्ट सेलिंग करना भी एक नौकरी के समान ही है, जिसमे किसी कंपनी के प्रॉडक्ट बेचने होते है और लोगों को जोड़ना होता है।

इसमें फिक्स सैलरी नहीं मिलती है, बल्कि खुदकी प्रॉडक्ट बिक्री और डाउनलाइन द्वारा की प्रॉडक्ट खरीद पर इनकम तय होती है। इसलिए जितना बड़ा आपका नेटवर्क होगा, उतनी ज्यादा कमाई होती है।

निष्कर्ष

हमें उम्मीद है,कि आपको डायरेक्ट सेलिंग के बारे में इस लेख से बहुत कुछ जानने को मिला होगा और डायरेक्ट सेलिंग व MLM की पूरी जानकारी मिली होगी। अगर कोई भी सवाल या सुझाव है, तो कमेंट में जरूर बताएं।




11 thoughts on “डायरेक्ट सेलिंग क्या है? इतिहास, फायदे और नुकसान”

  1. इस कंपनी में पैसे कैसे कमाए जाते हैं और इस कंपनी में किसी प्रकार का कोई भी धोखेबाजी का काम तो नहीं है

    1. Hemant kumawat

      MLM में सफलता दर मात्र 0.04 प्रतिशत है. यानी की 10,000 में से सिर्फ 4 लोग ही सफल होते है. इसलिए अगर आपको MLM पूरी तरह से समझ आ गया है, तभी अपना पैसा और समय यहाँ निवेश करे. अगर आप सिंगल-लेवल डायरेक्ट सेलिंग कंपनी से जुड़ते है, तो इसमें 20% सफलता दर है. इसलिए MLM से बेहतर सिंगल लेवल डायरेक्ट सेलिंग करना अच्छा है.

      1. Bhai maine join kiya abhi just vestige pr mai pori tarah se decide nhi kr p raha h ki iss field me mera career kaha jayega

    2. Aisa nhi hota hai agar apko money ke badle goods mil rahi hai to dhokhe baji nhi hoti pr apki kia bat hui hai pta nhi jis companies ke sath ho

  2. Rahul Kumar Maurya

    Sir Maine Abhi kuch din phle ek Company IFFT me join ki hai Hme pta nhi hai Ham shi jagh kam kar rhe h ya nhi Hme pta nhi chal rha hai ki mera Future shi jagh hai ya nhi. Please Ans dijiye sir

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