पोंज़ी स्कीम क्या है? इससे कैसे बचे?

पोंजी स्कीम (Ponzi Scheme) से देश-विदेश में धोखा-धड़ी के मामले बढ़ते जा रहे है। हालही में Future Maker नामक MLM कंपनी के पिरामिड स्कीम  का खुलाशा हुआ है,जिसमे कुल 1200 करोड़ रुपए का घोटाला भारत मे हुआ है। यह पहली बार नही है,जब देश मे ऐसा पोंजी या पिरामिड घोटाला हुआ है।इससे पहले भी देश विदेश में करोडो का घोटाला हुआ है।जिससे लाखो की तादाद में लोग अपने पैसे इन पोंजी स्कीम में गवा देते है।

पोंजी स्कीम क्या है? (what is ponzi scheme in hindi) पोंजी स्कीम कैसे पहचाने? (how to identify ponzi scheme in hindi?)  पोंजी स्कीम से कैसे बचें? (how to prevent from ponzi scheme?) ऐसे बहुत से सवाल आते है,जब हम पोंजी स्कीम से हुए करोडो के घोटालों के बारे में सुनते है। आज का यह लेख इसी विषय पर है।जिसमे हम पोंजी स्कीम से जुड़ी बेहद जरूरी जानकारी देंगे।


पोंजी स्कीम क्या है?

what is ponzi scheme

पोंजी स्कीम किसी कंपनी द्वारा प्लान होता है,जिसमे लोगो को अपने पैसे उस प्लान में निवेश (investment) करने होते है। उसके बाद उन्हें ओर भी लोगों को उस कंपनी से जोड़ना होता है,जिसके बदले उन्हें अपने निवेश ब्याज (interest) के साथ वापस मिलता है। पंरन्तु,यहाँ रिटर्न साधारण ब्याज दर से नही मिलता। पोंजी स्कीम में रिटन कही गुना ज्यादा और 100% नो-रिस्क के दावे पर मिलता है। ऐसा इसलिए क्योंकि नए जुडें मेंबर का पैसा पुराने जुड़े मेंबर के पास जाता है और यह सिलसिला चलता रहता है।

जैसे की “ABC” कोई पोंजी स्कीम पर चलने वाली कंपनी है। अब उसमें “राम” नाम का यक्ति 1000 रुपए निवेश करता है।उसके बाद वह अपने मित्र “सुरेश” को अपने सहारे उस कंपनी में निवेश करवाता है।जिसके बदले राम को कंपनी से सीधे 2500 रुपए मिल जाते है।राम की रिटर्न  इनकम को देखकर अब ओर भी लोग ABC कंपनी में पैसे लगाना शुरू कर देते है।इस तरह से कंपनी से जुड़ने वाले लोगो की संख्या बढ़ती जाती है। पोंज़ी स्कीम की शुरुवात चार्ल्स पोंज़ी (Charles Ponzi ) ने की थी,इसलिए इसे पोंज़ी स्कीम कहते है. चार्ल्स पोंज़ी ने 1920 में पोंज़ी स्कीम से अपना बिज़नेस प्लान बनाया था,परन्तु उससे भी काफी समय पहले पोंज़ी स्कीम से फ्रौड हुए है.

पोंजी स्कीम फ़्रॉड क्यों है?

आपको पता चल गया होगा,कि पोंजी स्कीम क्या है।अब सवाल आता है,कि पोंजी स्कीम को फ़्रॉड और Scam क्यों कहते है?
पोंजी स्कीम कंपनिया इसलिए बनाई जाती है,कि वे लोगो के साथ फ़्रॉड और Scam कर सके।दरअसल यह कंपनीया शुरूवाती निवेशको (Investor) को बेशक पैसे देती है।जिससे ओर भी लोग उस कंपनी और प्लान की तरफ आकर्षित हो। लेकिन जैसे ही लाखो की तादाद में यह लोग निवेश करने लगते है,यह एक दम से गायब हो जाती है। जिससे शुरुवाती निवेशकों को तो फायदा मिला,लेकिन बाद में और नए लाखो निवेशकों के पैसे डूब जाते है।इसलिए पोंजी स्कीम को फ़्रॉड और Scam कहते है।

पोंजी और पिरामिड स्कीम से हुए घोटाले

पोंजी स्कीम से चलने वाली आज भी सैकड़ो कंपनिया है,जबाकी बहुत बड़े-बड़े घोटाले पहले हुए है। पोंजी स्कीम से अब तक सबसे बड़ा घोटाला बर्नी मेडऑफ (Bernie Madoff) की कंपनी ने किया था।जिसने सिर्फ अमेरिका में ही 45,000 करोड़ रूपए का चूना लगया है।इसके बाद भारत मे भी सहाराशारदा और PACL ने पोंजी स्कीम से जनता का पैसा डुबाया है।

अकेले PACL ने ही भारत मे 49,000 करोड़ रुपए आम जनता के डुबाए है।
वही हाल ही में Future Maker Life Care Private Limited ने 1200 करोड़ रुपए का पिरामिड scam किया है।

पोंजी स्कीम का पता कैसे लगाए?

ज्यादा ब्याज:- पोंजी स्कीम में सबसे ज्यादा रिटर्न और ब्याज मिलने का दावा किया जाता है। आमतौर पर ब्याज दर 6% से 10% होती है,लेकिन पोंजी स्कीम में यह कई गुना ज्यादा होती है।

100% रिटर्न गारंटी:- पोंजी स्कीम में यह 100 प्रतिशत दावा किया जाता है,की आपको रिटर्न इंटरेस्ट के साथ जरूर मिलेगा। जबकि Mutual Funds, Cryptocurancy और शेयर मार्केट में कम ब्याज दर मिलने के बाद भी 100 प्रतिशत रिटर्न का दावा नही किया जाता है। जहां ज्यादा ब्याज पर रिटर्न मिलता है,वहाँ बेशक ज्यादा रिस्क होता है।पंरन्तु,पोंजी स्कीम में कई गुना ज्यादा ब्याज ज़ीरो रिस्क पर मिलने का वादा किया जाता है।

\

Unclear Business Model:- पोंजी स्कीम वाली कंपनियां अपने बिजनेस मॉडल को पूरी तरह से नही दर्शाती है। वे निवेशकों को बिज़नेस मॉडल के बारे में गलत या कोई जानकारी नही देते।वही निवेशकों का पैसा कहा जायेगा और ब्याज कैसे मिलेगा? यह तक नही बताते है।जबकी निवेशकों का पूरा हक इस बारे में जानने का होता है।

EMI में रिटर्न :- पोंजी स्कीम वाली कंपनी हमेशा EMI (Equated Monthly Installment) में ही पैसे रिटर्न करती है।क्योंकि जब तक प्लान में नए लोग पैसे नही लगाएंगे,तब तक पुराने मेंबर को पैसे देने को नही होंगे।
फ्यूचर मेकर का प्लान भी कुछ ऐसा ही है,जिसमे 1500-1500 रुपये करके कुल 24 महीने में 36,000 रुपए मिलते है। इसलिये पोंजी स्कीम एक साथ शुरुवात में रिटर्न नही दे सकती।

पोंजी स्कीम से कैसे बचें?

पोंजी स्कीम से ओर कोई आपको नही बचा सकता स्वयं आपके। सबसे पहले तो,आप आप ऊपर बताये बिंदुओं का ध्यान रखे।जिससे आपको कंपनी पोंजी स्कीम पर है या नही।यह पता लगा सकते है।

इसके बाद कोई MLM या दूसरे बिज़नेस प्लान में जबरदस्ती निवेश करवाये,तो तुरंत ना करे।सबसे पहले आप स्वयं प्लान को चेक करें। वही MLM कंपनी में तभी निवेश करे,जब कंपनी अच्छे प्रोडक्ट पर हो।यानी,की जहाँ पर किसी अच्छे और क्वालिटी प्रोडक्ट को खरीदना हो।वही जोइनिंग फ़ीस कई ज्यादा ना हो,क्योंकि यह पोंजी स्कीम की बड़ी  निशानी होती है।

आजकल कुछ Cryptocurancy भी पोंजी स्कीम ही होती है,इसलिए उनमे भी पैसे सोच समझकर निवेश करें।

MLM, पोंज़ी स्कीम और पिरामिड स्कीम

आज के समय में भारत में भी बहुत सी डायरेक्ट सेलिंग कंपनिया, MLM/ नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर पोंज़ी स्कीम या पिरामिड स्कीम चलाती है. इसलिए आपको किसी भी MLM कंपनी से जुड़ने से पहले 10 बार सोचना होगा.

अगर आप की नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी से जुड़ने वाले है, तो सबसे पहले आप कुछ

ध्यान रखे, MLM कंपनी आपको सिर्फ आपके द्वारा और आपके डाउन-लाइन द्वारा की गयी प्रोडक्ट बिक्री पर ही कमीशन दे सकती है. अगर MLM कंपनी आपको सिर्फ लोगो को जोड़ने के पैसे देती है, तो वो कंपनी फ्रॉड है.

वही अगर आप MLM में सफल होना चाहते है, तो आपको नेटवर्क कैसे बनाये? यह कला आनी चाहिए. तभी आप MLM में सफल होने वाले मात्र 0.04 लोग में से बनेंगे.

JOIN BEST MLM COMPANY

( असीमित कमाई का अवसर )

Ads

2 thoughts on “पोंज़ी स्कीम क्या है? इससे कैसे बचे?”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *