MLM में PV, BV और DP का मतलब क्या होता है?


इस लेख में हम डायरेक्ट सेलिंग बिजनेस से जुड़े मुख्य पारिभाषिक शब्द PV, BV और DP के बारे में बात करने वाले है। अक्सर लोग अपनी कंपनी में BV-PV का मतलब सर्च करते है, जैसेVestige 1 PV = Rupees 2022 ?

नए डिस्ट्रीब्यूटर जो पहली बार MLM इनकम प्लान को समझने की कोशिश करते है, उनको काफी कठिनाई आती है। क्योंकि उन्हें इन शब्दों का मतलब नहीं पता होता है और MLM कंपनियों के कठिन इनकम प्लान को समझना खूद में एक चेलेंज है।

इस लेख के माध्यम से आपको MLM इनकम प्लान को समझने में आसानी होगी और बुनियादी जानकारी मिलेगी।

MLM में DP क्या है?

 MLM यानि मल्टी-लेवल मार्केटिंग लोगो का बिजनेस है, जिसमे कोई भी व्यक्ति जुड़ सकता है। MLM कंपनी में शामिल लोगो को डिस्ट्रीब्यूटर, डायरेक्ट सेलर, वितरक और नेटवर्क मार्केटर कहा जाता है। जिन डिस्ट्रीब्यूटर की बड़ी डाउनलाइन होती है, उन्हें MLM Leader भी कहते है।

MLM कंपनी के साथ जुडने पर 2 मुख्य काम करने होते है, पहला प्रॉडक्ट को बेचना और दूसरा ज्यादा से ज्यादा लोगों को कंपनी से जोड़ना होता है। MLM कर्ताओं के लिए DP महत्वपूर्ण इकाई है।

pv bv meaning

DP का फुलफोर्म Distributor Price होता है, जिसे हिन्दी में वितरक के लिए कीमत कह सकते है।

MLM कंपनी अपने डिस्ट्रीब्यूटर को प्रॉडक्ट DP यानि Distributor Price पर देती है। MLM कंपनी के हर प्रॉडक्ट पर DP तय होती है, जो MRP से कम होती है। MRP (Maximum Retail Price) वो कीमत है, जिसपर उपभोक्ता को प्रॉडक्ट मिलते है।

डिस्ट्रीब्यूटर MLM कंपनी के प्रॉडक्ट DP पर खरीदकर MRP पर बेच सकते है और Retail Profit कमा सकते है। रीटेल प्रॉफ़िट MLM में इनकम कमाने का सब से मुख्य जरिया है।

Retail Profit = MRP-DP  

हर MLM कंपनी डिस्ट्रीब्यूटर को प्रॉडक्ट 10% से 30% डिस्काउंट पर देती है और डायरेक्ट इनकम कमाने में सहायता मिलती हैं।

कंपनी से अधिक रीटेल प्रॉफ़िट कमाने के लिए ज्यादा से ज्यादा प्रॉडक्ट की बिक्री करनी होती है, लेकिन प्रॉडक्ट की बिक्री उसकी गुणवत्ता और कंपनी की प्रचलिता पर निर्भर करती है।

इसलिए डिस्ट्रीब्यूटर को किसी MLM कंपनी में हिस्सा बनने से पहले DP और रीटेल प्रॉफ़िट देखना चाहिए।

PV और BV का मतलब

DP की तरह, MLM कंपनी में हर प्रॉडक्ट पर निश्चित PV और BV होते है, जो की प्रॉडक्ट खरीदने पर मिलते है। MLM कंपनी में कमिशन हासिल करने के लिए आपको अधिक से अधिक PV और BV जमा करने होते है।

PV की फुलफार्म Point Volume है और BV की फुलफॉर्म Business Volume है। अधिकतर MLM कंपनी में यही 2 मुद्रा यूनिट उपयोग होती है, लेकिन यह MLM कंपनी पर निर्भर करती है।

नीचे फोटो में Renatus Wellness के MLM कंपनी के प्रॉडक्ट की जानकारी है। जिसमें MRP और DP दी गयी है, लेकिन ये PV-BV की जगह CC (Commission Count) का उपयोग करते है।

PV और BV को आप रिवार्ड पॉइंट (Reward Point) समझ सकते है, जो MLM कंपनी की भिन्न इनकम गणना के लिए उपयोग होते है। 

PV और BV दोनों कंपनी के द्वारा निश्चित होते है, और कंपनी इन को बढ़ा और घटा सकती है, जिसके अनुसार कमाई जाने वाली इनकम भी कम ज्यादा हो जाती हैं।

मान लीजिये, ABC नामक कंपनी 1,000 रुपये के प्रॉडक्ट खरीद पर डिस्ट्रीब्यूटर को 10 PV देती है। ABC कंपनी प्रति 1 PV पर 3 रुपये कमीशन देती है, तो इस अनुसार 10 PV की खरीद पर कुल कमीशन 30 रुपये होगा।

ऊपर दिया उदाहरण काफी साधारण है, लेकिन PV और BV से इनकम गिनना जटिल प्रक्रिया है और कंपनी का फिक्स फॉर्मूला होता है।

PV व BV के नुकसान

PV व BV का उपयोग MLM कंपनी के लिए जरूरी और बहुत फायदेमंद है, लेकिन डिस्ट्रीब्यूटर को इससे काफी नुकसान होता है और अधिकतर डिस्ट्रीब्यूटर को इस चीज़ का अंदाज़ा नहीं होता है।

वर्तमान में PV और BV के उपयोग से MLM कंपनी अपने इनकम प्लान को मुश्किल बना देती है, जिससे डिस्ट्रीब्यूटर को इनकम प्लान समझने में परेशानी होती है।

MLM कंपनी अपने अनुसार PV और BV की कीमत को बदलती है, जिससे डिस्ट्रीब्यूटर की कमाई में बहुत बदलाव आता है।

कई बार MLM कंपनी कहती है, कि हम बिक्री पर 10% कमीशन देते है, लेकिन यह कमीशन PV व BV पर निकलता है, जिससे वास्तविक कमीशन बहुत कम मिलता है।

अक्सर MLM कंपनी डिस्ट्रीब्यूटर को न्यूनतम PV-BV के प्रॉडक्ट खरीदने को पाबंधित करती है, जो डायरेक्ट सेलिंग रूल के खिलाफ भी है।

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