IMC Shri Tulsi के फायदे, नुकसान, उपयोग विधि, सावधानी

IMC Shri Tulsi Drops Benefits in Hindi – श्री तुलसी ड्राप्स के फायदे इन हिंदी

इस पोस्ट में हम एक भारतीय डायरेक्ट सेलिंग कंपनी, IMC के एक प्रॉडक्ट के बारे में बात करेंगे, जिसका नाम Shri Tulsi Drops है।

IMC Shri Tulsi के बारे में शायद आपने सुना होगा, अगर आप MLM इंडस्ट्री में हो या नियमित तुलसी के प्रॉडक्ट का इस्तेमाल करते हो।

तुलसी वैसे तो बहुत लोगो के घर में होती हैं, जो की 200 से ज्यादा बीमारियों से बचाती हैं। तुलसी बहुत गुणकारी होती हैं और इसके बहुत सारे फायदे भी है, इसलिए इसके प्रोडक्ट भी मार्केट में बहुत देखने को मिलते है।



shri tulsi drops benefits in hindi

तो चलिए जानते हैं, आईएमसी श्री तुसली के बारे में जिसमे इसके Benefits, Uses and Side Effects भी शामिल हैं।

What is IMC Shri Tulsi Drops in Hindi?

Shree Tulsi Drops को एक IMC (International Marketing Corporation) नाम की MLM द्वारा बनाया जाता हैं।

यह एक आयुर्वेदिक उत्पाद हैं, जो वात, पित्त और कफ त्रिदोष को संतुलित कर अनेकों रोगों से बचाव कर सकता हैं।

तुलसी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-एलर्जी, एंटी-इन्फ्लेमेटरी एंटीफ्लू और एंटीबायोटिक गुण पाये जाते हैं, जिस कारण यह 200 से अधिक बीमारियों के लिए एक रामबाण इलाज हो सकती हैं।

श्री तुलसी को खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची आवश्यक नहीं हैं क्योंकि यह एक ओवर द काउंटर प्रोडक्ट हैं।

इस प्रॉडक्ट को IMC कंपनी के डायरेक्ट सेलर यानी डिस्ट्रीब्यूटर द्वारा बेचा जाता हैं। लेकिन कुछ डिस्ट्रीब्यूटर इस प्रॉडक्ट को लेकर गुमराह करते हैं, कमीशन के लिए ये श्री तुलसी के अप्रमाणित फायदे बताते हैं, जिनसे आपको सतर्क रहना चाहिए।

आईएमसी श्री तुलसी जैसे प्रॉडक्ट का इस्तमाल घरेलु रूप से कर सकते हैं, लेकिन कोई रोगी बिना डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह लिए बिना अपनी बीमारी का इलाज इस तरह के प्रॉडक्ट से ना करे।

पढ़िए:

IMC Shri Tulsi Drops Composition – संरचना

IMC-Shree-Tulsi

आईएमसी श्री तुलसी में पांच प्रकार की तुलसी का अर्क मिलाया जाता हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं-

  1. राम तुलसी को हरि तुलसी के नाम से भी जाना जाता हैं। यह धार्मिक कार्यो के लिए ज्यादा इस्तेमाल की जाती हैं। इसका उपयोग सर्दी-जुकाम, गैस, सूजन भूख न लगने जैसी समस्याओं के लिया किया जा सकता हैं।
  2. वन तुलसी को बर्बरी तुलसी भी कहा जाता हैं, जो भूख बढ़ाने, आंखों की कमजोरी दूर करने, हृदय स्वास्थ्य को अच्छा बनाने और पेट के दर्द को दूर करने में मददगार हो सकती हैं।
  3. श्वेत तुलसी को विष्णु तुलसी के रूप में भी जाना जाता हैं। श्वेत तुलसी वात-कफ दोष, भूख न लगना, पेट दर्द, बेक्टरीरियल इन्फेक्शन, अशुद्ध रक्त आदि समस्याओ का समाधान कर सकती हैं
  4. श्याम तुलसी को कृष्ण तुलसी भी कहते हैं। श्याम तुलसी में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, गैस नाशक, तनाव दूर करने वाले, बुखार कम करने वाले और फेफड़ों के रोग ठीक करने वाले गुण पाए जाते हैं।
  5. नींबू तुलसी में लेमन ग्रास और तुलसी दोनो के गुण पाए जाते हैं। इसमें विटामिन ए की भरपूर मात्रा होती हैं इसलिए यह आंखों की रोशनी बढ़ाने और प्रतिरक्षा मजबूत करने में बेहद लाभकारी हो सकती हैं।

IMC Shri Tusli Benefits in Hindi – फायदे

आईएमसी श्री तुलसी से होने वाले फायदों की बात करें तो यह इन अवस्था या विकारों के लिए एक उचित इलाज हो सकता हैं। जैसे-

कान में दर्द और नाक में फोड़े-फुंसी होने पर इसकी चार-पांच गुन-गुनी करके डालने पर इससे छुटकारा पाया जा सकता हैं।

बालों की समस्या के लिए भी ये बहुत लाभकारी हैं, इसलिए यह कही शैम्पू और तेल में भी पाया जाता हैं।

त्वचा के लिए भी तुलसी बहुत ही गुणकारी हैं। आग से जलना, दाद, घाव, खुजली की सफाई करने में भी इसका उपयोग किया जाता हैं। सफ़ेद दाग व स्ट्रेच जैसी त्वचा की बीमारियों के लिए नारियल तेल में इसको मिलाकर लगाये, जिससे ये कम हो जाते हैं।

झुर्रियां, काले धब्बे और त्वचा को कोमल बनाने के लिए श्री तुलसी की कुछ बुँदे एलोवेरा जेल के साथ में लगाना चाहिए।

कफ सिरप बनाने के लिए तुलसी एक महत्वपूर्ण तत्व हैं, क्योंकि तुलसी जमा कफ को साफ करती हैं। श्री तुलसी का सेवन करने से फेफड़ो की बीमारी , धूम्रपान से होने वाले नुकसान व टीबी जैसी भयानक बीमारियों को कम करता हैं। निमोनिया से बचने के लिए भी श्री तुलसी की 2 बूंद के साथ शहद का सेवन करना चाहिये।

बुखार और मौसम बदलाव से होने वाली खांसी झुकाम में भी श्री तुलसी की कुछ बुँदे शहद के साथ या लौंग और नमक के साथ सेवन करनी चाहिये।

श्री तुलसी में बहुत सारे एंटीऑक्सीडेंट, मिथाइल युजेनॉल, और जरूरी तैलीय तत्व होते हैं जो कि इन्सुलिन की उत्तपत्ति ने सहायक होते हैं जो कि शुगर की मात्रा सुनिश्चित करते हैं।

यह शरीर में कोलेस्ट्रोल को भी नियंत्रण में रखता हैं, जिससे की ह्रदय रोगों व ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से बचा जा सकता हैं ।

श्री तुलसी के सेवन से शरीर में लाल ब्लड सेल में वृद्धि होती हैं और यह खून को साफ़ करने में भी लाभकारी हैं।

पढ़िये:

IMC Shri Tulsi Side Effects in Hindi – दुष्प्रभाव

आईएमसी श्री तुलसी का सेवन ज्यादा मात्रा में नहीं करना चाहिए और किसी मेडिकल ट्रीटमेंट में चल रहे इंसान को भी इसका उपयोग परामर्श के बाद ही करना चाहिए।

श्री तुलसी के कुछ साइड इफेक्ट्स नीचे दिए गए हैं।

  • तुलसी आधारित इस प्रोडक्ट में यूजेनॉल नामक तत्व पाया जाता है, जिसकी शरीर मे अधिक मात्रा होने पर विषाक्ता का खतरा बढ़ जाता है। खांसी के साथ खून या पेशाब के साथ खून आना इसका एक लक्षण हो सकता है।
  • आमतौर पर, तुलसी के ज्यादा सेवन से प्रजनन शक्ति बुरी तरह प्रभावित हो सकती है और शुक्राणुओं की संख्या में कमी आ सकती है।
  • मधुमेह रोग से पीड़ित लोग इसका सेवन ज्यादा करते हैं, तो उनकी रक्त शर्करा में कमी आ सकती हैं।
  • इसको चाय में डालकर भी सेवन कर सकते हैं, लेकिन ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करने से पेट में जलन और एसिडिटी हो सकती हैं। क्योकि इससे शरीर में बहुत गर्मी उत्पन्न करता हैं।

IMC Shri Tulsi Dosage in Hindi – खुराक

एक सामान्य व्यक्ति इस दवा की रोजाना दिन में तीन से चार ड्रॉप ले सकता है।

श्री तुलसी की एक दिन में अधिकतम 5 ड्रॉप सुरक्षित है, इससे ज्यादा खुराक लेने पर ओवरडोज़ हो सकता है।

इसे दिन में एक बार सुबह या शाम इस्तेमाल करें। इस दवा को भोजन के बाद गुनगुने पानी के साथ लेने की सलाह दी जाती है।

श्री तुलसी को लगभग 1 महीने तक इस्तेमाल करने की आवश्यकता होती है। इसे लेना बंद करने के लिए अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

वैसे तो श्री तुलसी का सेवन करने का कोई निश्चित समय नहीं हैं, लेकिन इसे सुबह या रात को सोते समय खांसी और झुकाम के लिए उपयोग किया जा सकता हैं। खाना पचाने के लिए अगर आप श्री तुलसी का सेवन करते हैं, तो खाने के बाद आप इसे ले सकते हैं।

बालों के सफेद होने या झड़ने या जूओं से निजात पाने के लिए इसको तेल में मिलाकर बालों में लगाये और जूओं के लिए निम्बू के रस की भी कुछ बुँदे मिला ले।

IMC Shri Tulsi Precaution in Hindi – सावधानी

आईएमसी श्री तुलसी को लेते समय कुछ बातों पर ध्यान देना आवश्यक है, मतलब इसे कुछ मामलों में सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करना होता है जैसे-

गर्भवती महिलाओं को यह प्रॉडक्ट इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए क्योंकि इन 5 प्रकार की तुलसी का अर्क गर्भाशय को सिकुड़ सकता है।

श्री तुलसी की तासीर गर्म होती हैं, इसलिए लोग इसे सर्दियों में खांसी और झुकाम में उपयोग करते हैं, लेकिन इसका उपयोग नहीं करना चाहिए।

तुलसी के प्रयोग से पाया गया है कि यह रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया को धीमा कर सकती है। यदि आप किसी प्रकार की सर्जरी कराने वाले है तो 15 दिन पहले इस प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना बंद कर दें अन्यथा बाद में ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है।

तुलसी में ब्लड शुगर लेवल को कम करने वाले गुण पाए जाते हैं अगर किसी मरीज का ब्लड शुगर लेवल पहले से कम है तो इस प्रोडक्ट का इस्तेमाल ना करें।

पढ़िए:




5 thoughts on “IMC Shri Tulsi के फायदे, नुकसान, उपयोग विधि, सावधानी”

  1. Hame 5 mahine pehle dudinal ulcer tha lekin abhi thik hua hai lekin aj kal bahat acidity ho raha hai to kya ham shree tulshi drops le sakte hai ?

    1. आप डॉक्टर से सलाह ले. और किसी भी अवस्था में किसी भी डायरेक्ट सेलिंग कंपनी के प्रोडक्ट का इस्तेमाल किसी बीमारी के इलाज़ में ना करे

  2. हरि बंश सिंह

    श्री तुलसी का उपयोग सुगर एवं लीवर के मरीज कर सकते हैं कि नहीं

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